Latest News Lifestyle
NEET, CBSE और UGC-NET विवाद: 5 साल में कैसे हिली परीक्षा व्यवस्था, क्यों उठ रही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग?

 

नई दिल्ली: पिछले पांच वर्षों में देश की प्रमुख परीक्षाओं—NEET, CBSE और UGC-NET—को लेकर सामने आए विवादों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, तकनीकी खामियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार उठे मुद्दों के बाद अब शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग तेज हो गई है। इसी बीच विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।

सबसे बड़ा विवाद NEET परीक्षा को लेकर सामने आया, जहां कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद देशभर में छात्रों ने प्रदर्शन किए। मामले ने सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचकर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर बहस को तेज कर दिया।

UGC-NET परीक्षा भी विवादों में रही। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका के चलते सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी, जिसके बाद लाखों अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा का इंतजार करना पड़ा। इस फैसले ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

CBSE की परीक्षाओं को लेकर भी समय-समय पर पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ी।

इन घटनाओं के बाद विपक्ष का आरोप है कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में विफल रही है। इसी आधार पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें NTA का पुनर्गठन, परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करना, डिजिटल निगरानी बढ़ाना और तकनीकी सुधार शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार, आधुनिक तकनीक का उपयोग, जवाबदेही तय करना और पारदर्शिता बढ़ाना ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रभावी समाधान हो सकता है।

News Image

UP: सभी 75 जिलों में लागू होगी दुग्ध योजना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार

  • सरकार अब दुग्ध योजना का दायरा बढ़ाकर इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने पर जोर दे रही है। योजना के विस्तार का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त साधन तैयार करना और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। दुग्ध उत्पादन से महिलाओं को जोड़ने के साथ उन्हें पशुपालन और दूध के बेहतर प्रबंधन से होने वाली आय का लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
BY Himanshu Dubey ·
News Image

यूपी चुनाव 2027: बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व फुल एक्शन मोड में, हारी सीटों पर खास फोकस

  • 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन बीजेपी ने सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि संगठन की यह रणनीति चुनावी मैदान में पार्टी को कितना फायदा पहुंचाती है।
BY Himanshu Dubey ·