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देशभर में मानसून का कहर, कई राज्यों में बाढ़ और अलर्ट


देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, असम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

गुजरात में सबसे ज्यादा असर दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिल रहा है। अहमदाबाद, सूरत समेत कई शहरों में सड़कों पर पानी भर गया है, जबकि कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। दक्षिण गुजरात के उमरगाम तालुका में 16 घंटों के भीतर लगभग 43 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है तथा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा, यमुना सहित लगभग 10 प्रमुख नदियां उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन नदी किनारे रहने वाले लोगों पर विशेष नजर रख रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के 54 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है।

बिहार में भी मानसून का प्रभाव लगातार बना हुआ है। पटना, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, सारण, वैशाली और सिवान सहित 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार को औरंगाबाद तथा बक्सर जिलों में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है, जहां 24 घंटों के दौरान लगभग चार इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।

राजस्थान में भी बारिश का दौर जारी है। बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि नौ जिलों में ऑरेंज अलर्ट और अन्य क्षेत्रों में यलो अलर्ट लागू है। इससे पहले बाड़मेर, जालोर, सिरोही, उदयपुर, जैसलमेर, पाली और भीलवाड़ा सहित कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे कई स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ।

पूर्वोत्तर भारत में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। असम में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने में लगे हुए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, नगालैंड, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

हालांकि मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए फिलहाल कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

26 जुलाई के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और कर्नाटक में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। कर्नाटक, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
 

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  • जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के समाप्त होने के बाद नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने रिकॉर्ड 12 घंटे के भीतर व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान 60 मीट्रिक टन से अधिक कचरा हटाया गया, सड़कों की धुलाई की गई, दीवारों पर लिखे गए नारों को मिटाया गया और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत की गई।
BY Shirin ·