चाय और सिगरेट का कॉम्बिनेशन कई लोगों की रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बन चुका है। कुछ लोग चाय की चुस्की के साथ सिगरेट पीना पसंद करते हैं, तो कुछ के लिए सुबह की चाय बिना सिगरेट के अधूरी लगती है। लेकिन यह आदत स्वाद या रिलैक्सेशन से कहीं ज्यादा गंभीर असर डाल सकती है।
चाय के साथ सिगरेट क्यों लगती है ज्यादा अच्छी?
चाय में मौजूद कैफीन शरीर और दिमाग को थोड़ी देर के लिए सतर्क महसूस करा सकता है। वहीं सिगरेट में मौजूद निकोटीन दिमाग के रिवॉर्ड सिस्टम को प्रभावित करता है और कुछ समय के लिए तनाव या थकान कम महसूस हो सकती है। यही वजह है कि दोनों को साथ लेने की आदत जल्दी एक रूटीन का रूप ले सकती है।
असली नुकसान सिगरेट से होता है
चाय अपने आप में सिगरेट जितनी हानिकारक नहीं है, लेकिन उसके साथ सिगरेट पीने से तंबाकू के धुएं का नुकसान कम नहीं होता। सिगरेट का धुआं फेफड़ों और शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है। लंबे समय तक धूम्रपान करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित होने के साथ गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
चाय पीते-पीते सिगरेट छोड़ना मुश्किल क्यों लग सकता है?
अगर किसी व्यक्ति ने चाय और सिगरेट को हमेशा एक साथ लिया है, तो चाय पीना खुद सिगरेट की इच्छा का ट्रिगर बन सकता है। यानी चाय की खुशबू या पहला घूंट लेते ही दिमाग सिगरेट की तलब से जुड़ी प्रतिक्रिया देने लग सकता है।
अगर चाय के साथ सिगरेट पीने की आदत है तो क्या करें?
- चाय पीते समय सिगरेट से दूरी बनाएं।
- सिगरेट की जगह पानी या कोई दूसरा पेय लेने की कोशिश करें।
- जिस समय सबसे ज्यादा तलब होती है, उस समय खुद को किसी दूसरी गतिविधि में व्यस्त रखें।
- धीरे-धीरे उन परिस्थितियों को पहचानें जो सिगरेट की इच्छा बढ़ाती हैं।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या तंबाकू-निरोध विशेषज्ञ की मदद लें।