संभल: उत्तर प्रदेश के संभल स्थित श्रीहरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद विवाद से जुड़े सर्वे के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने अपनी दलीलें पूरी कर लीं। अब अगली सुनवाई में हिंदू पक्ष अपनी दलीलें रखेगा। मामले की सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ कर रही है।
धार्मिक स्थल का चरित्र नहीं बदला जा सकता: मुस्लिम पक्ष
मस्जिद कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने दलील दी कि किसी प्राचीन धार्मिक स्थल के मूल धार्मिक चरित्र को कानून के तहत संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने 1991 के पूजा स्थल कानून और 1958 के प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि संरक्षित स्मारक की धार्मिक पहचान को बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मुस्लिम पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि यदि कोई स्थल मंदिर है तो उसे चर्च या मस्जिद में और यदि कोई स्थल मस्जिद है तो उसे मंदिर में बदलने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
सर्वे के आदेश पर भी उठाए सवाल
मस्जिद कमेटी ने निचली अदालत की ओर से कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर सर्वे, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने के आदेश पर भी सवाल उठाया। दलील दी गई कि स्थानीय जांच के लिए कमिश्नर नियुक्त करने से पहले अदालत को यह स्पष्ट करना चाहिए था कि जांच की जरूरत क्यों है और कमिश्नर को किन बिंदुओं की जांच करनी है।
मुस्लिम पक्ष ने कहा कि कोर्ट कमिश्नर का उद्देश्य अदालत की सहायता करना होता है, न कि किसी पक्ष को अपने पक्ष में सबूत जुटाने में मदद करने हाईकोर्ट के फैसले को दी गई है चुनौती
संभल जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा, जहां सर्वे के आदेश को बरकरार रखा गया। अब हाईकोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि सर्वे का आदेश जारी करते समय जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। वहीं हिंदू पक्ष की ओर से अगली सुनवाई में इन दलीलों का जवाब दिया जाएगा।
सुनवाई के दौरान सहिष्णुता पर भी जोर
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने समाज में सहिष्णुता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। अदालत में धार्मिक स्थलों के चरित्र और उनसे जुड़े कानूनी अधिकारों पर विस्तार से दलीलें दी गईं।
अब हिंदू पक्ष रखेगा अपनी दलील
मंगलवार की सुनवाई के साथ ही मस्जिद कमेटी यानी मुस्लिम पक्ष की दलीलें पूरी हो गई हैं। अब अगली तारीख पर हिंदू पक्ष अपनी दलीलें रखेगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में उठाए गए कानूनी सवालों पर आगे सुनवाई करेगा।
फिलहाल विवादित स्थल के सर्वे से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है और अदालत के अगले आदेश का इंतजार है।