चित्रकूट में 36 गांव बाढ़ की चपेट में, प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर; वाराणसी में घाट जलमग्न, राहत अभियान तेज उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के चलते कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। चित्रकूट, प्रयागराज और वाराणसी में बाढ़ की स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के करीब 26 जिलों में बाढ़ का असर बताया जा रहा है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
चित्रकूट में 36 गांव बाढ़ प्रभावित
चित्रकूट में मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर हैं। 36 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। रामघाट समेत आसपास के कई क्षेत्र बारिश और नदी के पानी से लबालब हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि आज मंदाकिनी नदी के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई है।
वाराणसी में घाट डूबे
वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी का पानी बढ़ने से कई घाट जलमग्न हो गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रभावित परिवारों ने सुरक्षित स्थानों और बाढ़ राहत शिविरों का सहारा लिया है। प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर
संगमनगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियां उफान पर हैं। हालांकि फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। दारागंज स्थित दशाश्वमेध घाट पूरी तरह पानी में समा गया है। वहीं, गंगा रिवर फ्रंट का बड़ा हिस्सा भी बाढ़ के पानी में डूब चुका है।
सीएम के निर्देश पर राहत अभियान तेज
बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ राहत शिविरों में भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासनिक टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अधिकारियों से बाढ़ के हालात की जानकारी ली और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। सरकार और प्रशासन का दावा है कि बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत तंत्र पूरी तरह सक्रिय है।