अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को जल्द अपना पहला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) मिल सकता है। इस पद के लिए पूर्व IPS अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट राजेश पांडेय का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। ट्रस्ट की अहम बैठक बुधवार को अयोध्या में होनी है, जिसमें चयन समिति की ओर से सुझाए गए नामों पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
राजेश पांडेय का नाम सबसे आगे
सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है। इनमें पूर्व IPS राजेश पांडेय का नाम प्रमुख बताया जा रहा है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक घोषणा होने तक इसे अंतिम नियुक्ति नहीं माना जा सकता।
राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त IPS अधिकारी हैं। उन्होंने अपने करियर में यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में भूमिका निभाई। लखनऊ, अलीगढ़, मेरठ और सहारनपुर जैसे जिलों में भी उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।
5,585 आवेदनों से शुरू हुई थी चयन प्रक्रिया
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के चयन के लिए देशभर से 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। स्क्रीनिंग के बाद 16 उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। चयन समिति ने इन उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए और इसके बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया।
चयन समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और वैज्ञानिक एवं उद्योगपति सुरेश हावड़े शामिल हैं। समिति की रिपोर्ट अब ट्रस्ट के सामने रखी गई है।
CEO की जिम्मेदारी क्या होगी?
राम मंदिर के पहले CEO की जिम्मेदारी मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधकीय कामों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की होगी। मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या, बड़े धार्मिक आयोजनों, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, सुविधाओं और भविष्य की व्यवस्थाओं को लेकर CEO की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आज हो सकता है बड़ा फैसला
ट्रस्ट की बैठक में CEO के नाम के साथ अन्य प्रशासनिक पदों को लेकर भी निर्णय होने की संभावना है। फिलहाल राजेश पांडेय का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है, लेकिन अंतिम फैसला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।