डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने की धमकी के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 8 प्रतिशत बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जबकि अमेरिकी क्रूड भी 104 डॉलर तक चढ़ गया।
इस घटनाक्रम ने वैश्विक बाजारों को भी झटका दिया, जहां निवेशकों के बीच अस्थिरता और चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में गिरावट देखी गई, जो संभावित लंबे समय तक जारी रहने वाले तनाव का संकेत है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। ऐसे में किसी भी प्रकार की रुकावट वैश्विक सप्लाई को प्रभावित कर सकती है और कीमतों को और ऊपर ले जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति जारी रहती है, तो इससे महंगाई और बढ़ सकती है, क्योंकि ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों पर सीधा असर पड़ेगा।
इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि जलडमरूमध्य के पास किसी भी सैन्य गतिविधि का कड़ा जवाब दिया जाएगा। संघर्ष के बीच ईरान तेल निर्यात जारी रखते हुए जहाजों से ऊंचा ट्रांजिट शुल्क भी वसूल रहा है।
सीजफायर को लेकर अनिश्चितता के कारण विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ेगा।