मधुबनी जिले के झंझारपुर इलाके के परतापुर क्षेत्र के लोग दशकों से कमला बलान नदी पर स्थायी पुल की मांग कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र के समय से उठ रही यह मांग आज तक पूरी नहीं हो सकी है। वर्ष के लगभग आठ महीने इस क्षेत्र में नदी का पानी भर जाता है, जिससे स्थानीय लोग नाव पर निर्भर होकर जीवनयापन करने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चे, बीमारों का इलाज कराने वाले, तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए नदी पार करते वक्त नाव ही एकमात्र सहारा है। परंतु नाव का संचालन भी जोखिम भरा है। कई बार नाव डूब चुकी हैं जिससे कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
इस नदी पर पुल न बनने से लोगों का दैनिक जीवन काफी कठिनाइयों से गुजरता है। खेती से लेकर बाजार तक पहुंचने में ग्रामीणों को प्रतिदिन संघर्ष करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने कई चुनावों में अपनी मांग प्रस्तुत की, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं मिला।
स्थानीय लोग कहते हैं कि एक स्थायी पुल बनने से न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उन्हें अपने दैनिक कामों को करने में भी सुविधा मिलेगी। बच्चे आसानी से स्कूल जा सकेंगे और बीमार व्यक्ति अस्पताल तक पहुंच सकेंगे।
यहाँ के ग्रामीण अब अपनी आवाज उठाने को मजबूर हैं ताकि उनकी पुल की मांग सरकार तक पहुँचे और शीघ्र ही इस पर काम हो। उनकी उम्मीद है कि यह सुरक्षा अभियान उनके जीवन की गुणवत्ता को सुधारने में महत्वपूर्ण साबित होगा।