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हंगामे के बीच शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र

18वीं लोकसभा के नौवें मानसून सत्र की शुरुआत पहले ही दिन राजनीतिक हलचल और विपक्ष के विरोध के साथ हुई। संसद का यह सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नीट-यूजी पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, बेरोजगारी, महंगाई और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। कई सांसद पोस्टर और बैनर लेकर सदन में पहुंचे, जिससे सदन का माहौल काफी शोरगुल वाला हो गया।

लगातार हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही लगभग 12 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। विपक्ष का कहना था कि जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए और संसद में विस्तृत चर्चा करानी चाहिए।

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन के बाहर मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जैसे सक्रिय मानसून देश के लिए लाभदायक होता है, वैसे ही यदि मानसून सत्र भी सकारात्मक और सक्रिय रहेगा तो देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे तर्क और तथ्यों के आधार पर चर्चा करें तथा लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सदन की गरिमा बनाए रखें।

प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय युवाओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश तेजी से तकनीक, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने भारत की पहली लंबी और शक्तिशाली ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन तथा देश की आर्थिक प्रगति का भी जिक्र किया।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता पर टिप्पणी भी की, जिसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।

उधर राज्यसभा में सरकार राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रगीत 'वंदेमातरम्' को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। यदि यह कानून पारित होता है तो वंदेमातरम् का अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा, जिसके लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान हो सकता है।

लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश किया जाना प्रस्तावित है। इसके तहत सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे लंबित मामलों के तेजी से निपटारे में सहायता मिलेगी। यह विधेयक पहले जारी किए गए अध्यादेश का स्थान लेगा।

वहीं विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद सत्र शुरू होने से पहले बैठक कर साझा रणनीति बनाई। बैठक में विभिन्न जनहित और राष्ट्रीय मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाने पर सहमति बनी। विपक्ष का कहना है कि संसद में जनता से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना होगा।

अब पूरे देश की नजर इस मानसून सत्र पर रहेगी कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच बहस कितनी रचनात्मक रहती है और महत्वपूर्ण विधेयकों पर क्या निर्णय लिए जाते हैं।

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  • जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के समाप्त होने के बाद नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने रिकॉर्ड 12 घंटे के भीतर व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान 60 मीट्रिक टन से अधिक कचरा हटाया गया, सड़कों की धुलाई की गई, दीवारों पर लिखे गए नारों को मिटाया गया और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत की गई।
BY Shirin ·