नई दिल्ली: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के पहले चरण में जापान की अगली पीढ़ी की E10 शिंकानसेन ट्रेन का इंतजार नहीं किया जाएगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वर्ष 2027 में परियोजना के पहले परिचालन खंड की शुरुआत भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन से की जाएगी।
जापान की E10 सीरीज अभी विकास और परीक्षण के चरण में है और इसके 2030 के शुरुआती वर्षों में उपलब्ध होने की संभावना है। ऐसे में भारत ने परियोजना की तय समयसीमा को बनाए रखने के लिए पहले चरण में स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन का उपयोग करने का निर्णय लिया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि गुजरात के सूरत-बिलिमोरा खंड पर बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करने का लक्ष्य 15 अगस्त 2027 रखा गया है। यह भारत की पहली हाई-स्पीड रेल सेवा होगी और इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
इस बीच, विदेश मंत्रालय ने उन दावों को भी खारिज किया है जिनमें भारत-जापान के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर मतभेद होने की बात कही गई थी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक ढंग से आगे बढ़ रही है और परियोजना पर सहयोग जारी है।
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है, जिसका उद्देश्य देश में विश्वस्तरीय तेज़ और आधुनिक रेल परिवहन की शुरुआत करना है।