दिल्ली पुलिस में अचानक हुआ बड़ा बदलाव
दिल्ली पुलिस में शुक्रवार को एक ऐसा प्रशासनिक फैसला सामने आया जिसने पूरे पुलिस विभाग को हैरान कर दिया। पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा को उनके कार्यकाल की समाप्ति से लगभग 11 महीने पहले पद से हटा दिया गया। उनकी जगह यूटी कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को नया दिल्ली पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया।
इस बदलाव की सबसे बड़ी खासियत इसकी गोपनीयता और तेजी रही। बताया जा रहा है कि निर्णय की जानकारी न केवल पुलिस विभाग के अधिकांश अधिकारियों को नहीं थी, बल्कि स्वयं सतीश गोलछा भी अंतिम समय तक इससे अनजान थे।
सतीश गोलछा को कब मिली जानकारी?
जानकारी के अनुसार, सतीश गोलछा शुक्रवार सुबह तक अपने नियमित सरकारी कार्यक्रमों में शामिल थे। वह दिल्ली सरकार के एक कार्यक्रम में पौधारोपण अभियान में हिस्सा ले रहे थे, तभी उन्हें उनके पद से हटाए जाने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही उन्होंने कार्यक्रम बीच में छोड़ा और तुरंत दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे। बाद में उन्हें उपराज्यपाल को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए। उनके कार्यकाल का अभी लगभग 11 महीने का समय बाकी था, इसलिए यह फैसला कई सवाल खड़े कर रहा है।
अनुराग कुमार की नियुक्ति ने सबको चौंकाया
दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर अनुराग कुमार यूटी कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह हाल तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे।
दिलचस्प बात यह रही कि 16 जुलाई को उनका यूटी कैडर में तबादला हुआ और अगले ही दिन उन्हें दिल्ली पुलिस का कमिश्नर नियुक्त कर दिया गया। इतना तेज़ प्रशासनिक बदलाव दिल्ली पुलिस के इतिहास में बेहद कम देखने को मिला है।
कौन हैं आईपीएस अनुराग कुमार?
अनुराग कुमार लंबे समय तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे और लगभग दो दशक तक दिल्ली पुलिस से बाहर विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते रहे। इससे पहले वह दिल्ली पुलिस के उत्तरी जिले में डीसीपी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
उन्हें एक ईमानदार, अनुशासित और अनुभवी अधिकारी माना जाता है। इंटेलिजेंस और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में उनका अनुभव रहा है। माना जा रहा है कि इसी प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें राजधानी की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्या है इस बदलाव के पीछे की वजह?
सरकार की ओर से अभी तक सतीश गोलछा को समय से पहले हटाने का कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि इस फैसले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और आने वाले महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए सरकार ने नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया हो सकता है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा?
अनुराग कुमार के सामने दिल्ली की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और वीआईपी सुरक्षा जैसी कई बड़ी चुनौतियां होंगी।
दूसरी ओर, सतीश गोलछा की समय से पहले विदाई आने वाले दिनों में प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चाओं का विषय बनी रह सकती है।