महाराष्ट्र के पालघर जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। भारी बारिश और बाढ़ के बीच एक परिवार को अपनी मृत मां के शव के साथ करीब चार घंटे तक घर की छत पर फंसे रहना पड़ा। जलस्तर कम होने के बाद परिवार को सुरक्षित निकाला गया और फिर महिला का अंतिम संस्कार किया जा सका।
यह घटना पालघर के देविपाड़ा गांव की है। 55 वर्षीय अनुस्या मनोहर लीलाका का निधन हो गया था और परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान तेज बारिश के कारण इलाके में बाढ़ आ गई और देखते ही देखते घर में पानी भरने लगा।
हालात इतने खराब हो गए कि परिवार को अपनी जान बचाने के लिए मृत महिला के शव के साथ टीन की छत पर शरण लेनी पड़ी। परिवार कई घंटों तक राहत और बचाव दल का इंतजार करता रहा।
करीब चार घंटे बाद जब पानी का स्तर कम हुआ तो परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद हालात सामान्य होने पर महिला का अंतिम संस्कार किया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि संकट की घड़ी में समय पर कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची और परिवार को अपने हाल पर छोड़ दिया गया। इस घटना ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।