ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की अंतिम यात्रा तेहरान में शुरू हुई, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। देश के अधिकारियों ने राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हुए उनकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ न्याय और जवाबी कार्रवाई की मांग दोहराई।
दो दिनों तक तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के बाद खामेनेई की शवयात्रा राजधानी के विभिन्न हिस्सों से होकर निकली। बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सड़कों पर पहुंचे।
सरकारी मीडिया के अनुसार, इमाम हुसैन चौक पर एकत्र लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए तथा कई नेताओं के पोस्टर भी प्रदर्शित किए।
ग्रैंड मोसल्ला में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में खामेनेई के परिवार के उन सदस्यों को भी श्रद्धांजलि दी गई जिनकी उनके साथ मृत्यु हुई थी।
ईरानी सरकार इन अंतिम संस्कार कार्यक्रमों के माध्यम से युद्धविराम के दौरान राष्ट्रीय एकता और देश की मजबूती का संदेश देने का प्रयास कर रही है। वरिष्ठ नेताओं ने इसे जनता के समर्थन और एकजुटता का प्रतीक बताया।
अंतिम यात्रा के अगले चरण क़ोम, इराक के नजफ़ और कर्बला शहरों में आयोजित होंगे, जिसके बाद खामेनेई को उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
समारोह के दौरान खामेनेई के तीन बेटे सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए, जबकि उनके उत्तराधिकारी माने जा रहे मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। अधिकारियों का कहना है कि वे हमले में घायल हुए थे।
ईरानी सैन्य नेतृत्व ने दोषियों के खिलाफ न्याय की लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया है और पूरे शोक समारोह में जवाबदेही की मांग प्रमुख विषय बनी हुई है।