ब्रिटेन की दक्षिणपंथी और आव्रजन विरोधी पार्टी रिफॉर्म यूके के नेता निगेल फैराज अपनी बाहरी कमाई और वित्तीय लाभों को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं। इसी बीच नई दक्षिणपंथी पार्टी रिस्टोर ब्रिटेन उनके समर्थक आधार में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।
2024 में सांसद बनने के बाद से फैराज ने संसद के बाहर विभिन्न कार्यों से 25 लाख डॉलर से अधिक की कमाई की है, जिससे वह ब्रिटेन के सबसे अधिक बाहरी आय अर्जित करने वाले सांसदों में शामिल हो गए हैं।
विवाद तब और बढ़ गया जब सामने आया कि उन्होंने एक गोल्ड बुलियन कंपनी के प्रचार के लिए लगभग 12 घंटे काम करने के बदले करीब 2.7 लाख पाउंड प्राप्त किए। आलोचकों का कहना है कि महंगे सोने के निवेश उत्पाद उन कामकाजी वर्ग के मतदाताओं की पहुंच से बाहर हैं, जिनका प्रतिनिधित्व करने का दावा रिफॉर्म यूके करती है।
फैराज पर क्रिप्टो निवेशक क्रिस्टोफर हारबोर्न से कथित तौर पर 50 लाख पाउंड का वित्तीय उपहार प्राप्त करने को लेकर भी सवाल उठे हैं। इस मामले को संसदीय मानक आयुक्त के पास जांच के लिए भेजा गया है कि क्या इस लाभ की घोषणा चुनाव से पहले की जानी चाहिए थी।
फैराज ने इन आरोपों का बचाव करते हुए कहा है कि यह धन उन्हें भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिया गया था। वहीं उनके सहयोगियों ने अन्य कथित लाभों को लेकर नियमों के उल्लंघन से इनकार करते हुए कहा है कि दी गई सहायता व्यक्तिगत थी, राजनीतिक नहीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब नई पार्टी रिस्टोर ब्रिटेन खुद को अधिक सख्त जनवादी विकल्प के रूप में पेश कर रही है और रिफॉर्म यूके के समर्थकों को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिटेन के राजनीतिक वित्त नियम पारदर्शिता तो सुनिश्चित करते हैं, लेकिन अनुमत स्रोतों से असीमित चंदे की अनुमति देते हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
हालांकि विवादों के बावजूद रिफॉर्म यूके के कई समर्थक अब भी फैराज के साथ खड़े हैं और उनका कहना है कि उनकी नीतियां व्यक्तिगत वित्तीय मामलों से अधिक महत्वपूर्ण हैं। वहीं कुछ मतदाताओं का मानना है कि ये मामले राजनीति में जवाबदेही और भरोसे से जुड़े व्यापक सवालों को सामने लाते हैं।
हालिया चुनावी विश्लेषण और जनमत सर्वेक्षण संकेत देते हैं कि वित्तीय विवाद रिफॉर्म यूके के अनिर्णीत मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं और उनका कुछ समर्थन रिस्टोर ब्रिटेन या कंजरवेटिव पार्टी की ओर जा सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि बढ़ती जांच के बीच फैराज अपनी जनवादी और व्यवस्था विरोधी छवि को कितनी मजबूती से बनाए रख पाते हैं।