भारत सरकार ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए 23 व्यक्तियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, ये सभी व्यक्ति प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) तथा कुछ मामलों में अल-कायदा और आईएसआईएस से जुड़े हुए हैं। इन पर जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, सीमा पार घुसपैठ, प्रशिक्षण, ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने और आतंकी हमलों की साजिश रचने के आरोप हैं।
सरकार के मुताबिक, सूची में शामिल तीन व्यक्ति लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के करीबी सहयोगी हैं। वहीं कुछ नाम 2016 के नगरोटा सेना कैंप हमले और 2018 के सुंजवान सैन्य स्टेशन पर हुए आतंकी हमले से भी जुड़े बताए गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद UAPA के तहत घोषित व्यक्तिगत आतंकवादियों की कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है। इन नामों को सूची में शामिल किए जाने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को उनकी संपत्ति जब्त करने, फंडिंग रोकने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा।