Inquilab Hindi / RohanShukla: ई-रिकशे जिसको उत्तर भारत में देशी भाषा में टिरी कहा जाता है ,जो सवारियों को एक जगह से दूसरी जगह ढोने का कार्य करता है ,यह बिजली की बैटरी के माध्यम से चलता है इसके आने से डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो का भारी नुकसान हुआ है, उनका कहना है कि इन्होंने एक पहले से स्थापित किराये के ढांचे को तोड़ अपना ढांचा बना लिया है , इसी के चलते इनके प्रति सोशल मीडिया पर अलग से रोष देखने को मिलता है, हालहि में एक वीडियों वायरल होती है जिसमें एक मोबाइल ऐप के माध्यम से टिरी को कंट्रोल किया जाता है , उस वीडियो इसको अचानक से बीच सड़क पर ही बंद कर दिया जाता है। चलिए विस्तार से जानते हैं मामला क्या है,
वायरल विडियो का दावा -टिरी का मिल गया है इलाज !
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो बहुत तेजी से वायरल होती है जो दावा करती की एक एप के माध्यम से चलती टिरी को रोक दिया जाता है , वीडियो में लिखा होता है कि मिल गया है टिरी का इलाज , ऐसी कई वीडियों सोशल मीडिया पर उपलब्ध है जो दावा करती है कि उन्होनें एक मोबाइल ऐप से टिरी को बंद कर दिया है, चलिए जानते हैं वह कौन सा एप है-
कौन-सा है वह ऐप वो, जिसके माध्यम से टिरी को किया कंट्रोल?
जानकारी के अनुसार पता चला की लोग जिस ऐप की बात कर रहे हैं वह ऐप 'BAT,BMS' ऐप है, BMS का मतलब है BATTARY MANGEMENT SYSTEM, यह ऐप बैटरी को मैनेज व उसका डाटा देखने में मदद करता है, यह ऐप केवल उन बैटरियों पर कार्य करता है जिन बैटरियों में ब्लूटूथ होता है , इस ऐप के माध्यम से आप देख सकते हैं कि आप की EV की बैटरी कितनी चार्ज हो चुकी है, बैटरी का तापमान क्या है इत्यादि, इस ऐप का उपयोग ई-रिकशे को रोकने के लिए किया जा रहा है और वीडियो बनाकर ऑनलाइन व्यू बटोरे जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियां
कुछ लोगों ने ऐप का समर्थन किया और कहा की टिरी सड़कों पर ट्राफिक का बड़ा कारण है, तो कुछ लोगों ने ई-रिक्शा का धनाधन मज़ाक बनाया , समर्थन में बहुत कम दिखे अधिकांश लोगों ने इसका विरोध किया और कहा ई-रिक्शा की गलती हो या न हो ,लेकिन बीच सड़क पर उनको रोक देना ये सही नहीं, अखिर उनको चलाने वाले भी इंसान ही है, तो कुछ लोगों ने कहा कई लोगों की रोज़ की आमदनी ही ई-रिक्शा पर टिकी होती है।
इक़बाल हिन्दी के लिये यह आर्टिकल लिखे हैं - रोहन शुक्ला