Latest News Lifestyle
यूपी में 12 दिन देरी से पहुँचा मानसून: कहीं चमक-गरज के साथ बरसे बादल तो कहीं आस में बैठे किसान!

 


यूपीः उत्तर प्रदेश में इस साल मानसून सामान्य समय से कुछ दिन देरी से पहुंचा। हालाँकि आज एक जुलाई को पूर्वांचल के कई ज़िलों में बरसात हुई। आमतौर पर मानसून जून के मध्य या तीसरे सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रही। इससे कई क्षेत्रों में बारिश का इंतजार लंबा हो गया।

देरी से मानसून आने का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा। धान, मक्का और दूसरी खरीफ फसलों की बुवाई समय पर नहीं हो सकी। कई किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और पंप का सहारा लेना पड़ा, जिससे लागत बढ़ गई। वहीं, तेज गर्मी और उमस के कारण लोगों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

बारिश में देरी का असर खासकर पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिला। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती, बलिया और आसपास के इलाकों में लोग अच्छी बारिश का इंतजार करते रहे। हालांकि बाद में कई जगहों पर मानसून सक्रिय होने से बारिश शुरू हुई और मौसम में राहत मिली।

देरी से मानसून ने कुछ लोगों को फायदा भी हुआ। निर्माण कार्य, सड़क निर्माण और भवन निर्माण से जुड़े काम बिना बारिश की रुकावट के अधिक दिनों तक चलते रहे। व्यापारियों को भी माल की ढुलाई और परिवहन में कम दिक्कत हुई। जिन किसानों के खेत अभी तैयार नहीं थे, उन्हें बुवाई की तैयारी के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय मिल गया।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में देरी का मतलब यह नहीं है कि पूरे सीजन में कम बारिश होगी। यदि बाद के महीनों में अच्छी वर्षा होती है, तो खेती और जलाशयों की स्थिति में सुधार आ सकता है। फिलहाल किसान और आम लोग अच्छी और नियमित बारिश की उम्मीद लगाए हुए हैं ताकि खेती, पेयजल और गर्मी से राहत मिल सके।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून सामान्य समय से करीब 10 से 12 दिन की देरी से पहुंचा। आमतौर पर पश्चिमी यूपी (जैसे मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़ और आगरा) में मानसून जून के आखिरी सप्ताह तक सक्रिय हो जाता है, लेकिन इस बार इसकी प्रगति धीमी रही और जून के अंत तथा जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश शुरू हुई। 

धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई।
गर्मी और उमस लंबे समय तक बनी रही।
सिंचाई पर किसानों का खर्च बढ़ा।
हालांकि निर्माण कार्य और परिवहन को कुछ दिनों तक बारिश से कम बाधा मिली। 
 

News Image

पूर्वांचल में बदली धान रोपाई की तस्वीर, ₹250 तक पहुंची मजदूरी, नाश्ते में समोसा-जलेबी की बढ़ी मांग

  • यूपी के गांवों में बदली धान रोपाई की तस्वीर, बढ़ी मजदूरी और बदली महिलाओं की पसंद
BY Himanshu Dubey ·
News Image

नेपाल ने भारतीय ₹200 और नए ₹500 के नोटों को दी मंजूरी, 25,000 रुपये तक ले जाने की अनुमति

  • नए नियमों के अनुसार, भारतीय और नेपाली नागरिक प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹25,000 तक की राशि इन नोटों के रूप में अपने साथ ले जा सकेंगे।
BY Himanshu Dubey ·