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1 जुलाई से बदल गए कई बड़े नियम: गैस सिलेंडर सस्ता, पासपोर्ट महंगा, ट्रेन में बिना टिकट सफर पर भारी जुर्माना

1 जुलाई से देशभर में कई अहम नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों, यात्रियों, वाहन मालिकों और कारोबारियों पर पड़ेगा। जहां एक ओर कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में राहत मिली है, वहीं पासपोर्ट फीस, नई कारों की कीमत और बिना टिकट ट्रेन यात्रा पर जुर्माना बढ़ा दिया गया है।

तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में औसतन 180 रुपये तक की कटौती की है। दिल्ली में इसकी नई कीमत 2,930 रुपये हो गई है। हालांकि, घरेलू 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल पंपों पर एक वाहन में प्रतिदिन 200 लीटर डीजल भरवाने की सीमा भी समाप्त कर दी है, जिससे बड़े उपभोक्ताओं और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत मिलेगी।

पासपोर्ट सेवाओं की फीस में 14 साल बाद बढ़ोतरी की गई है। सामान्य 36 पेज के पासपोर्ट की फीस अब 1,500 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गई है, जबकि तत्काल और 60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस में भी वृद्धि की गई है।

रेल मंत्रालय ने बिना टिकट यात्रा पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है। अब बिना टिकट पकड़े जाने पर यात्रियों को किराए के साथ कम से कम 500 रुपये का जुर्माना देना होगा।

UIDAI ने आधार कार्ड में ईमेल आईडी अपडेट कराने की सेवा 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त कर दी है। पहले इसके लिए 75 रुपये शुल्क लिया जाता था।

सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है, जिससे आने वाले समय में हवाई यात्रा के किराए में राहत मिलने की संभावना है।

इसके अलावा, कई ऑटोमोबाइल कंपनियों ने 1 जुलाई से अपनी कारों की कीमतों में 1.5 से 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे नई कार खरीदना पहले के मुकाबले महंगा हो गया है।
 

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12 घंटे में चमका जंतर-मंतर, हटे 60 टन कचरे के निशान

  • जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के समाप्त होने के बाद नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने रिकॉर्ड 12 घंटे के भीतर व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान 60 मीट्रिक टन से अधिक कचरा हटाया गया, सड़कों की धुलाई की गई, दीवारों पर लिखे गए नारों को मिटाया गया और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत की गई।
BY Shirin ·