अमेरिका के कोलोराडो राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। 29 वर्षीय डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नेता मेलाट किरोस ने 15 बार की सांसद डायना डीगेटे को हराकर सभी को चौंका दिया। शुरुआती मतगणना में किरोस को लगभग सात हजार वोटों की बढ़त मिलने के बाद अमेरिकी मीडिया ने उनकी जीत का अनुमान घोषित कर दिया।
इथियोपिया में जन्मी और बचपन में अमेरिका पहुंचीं मेलाट किरोस लंबे समय से प्रगतिशील राजनीति की समर्थक रही हैं। उन्होंने गाजा युद्ध के दौरान इजरायल के समर्थन को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की खुलकर आलोचना की थी। इसी मुद्दे पर अपने पूर्व नियोक्ता के रुख का विरोध करने के कारण उन्हें नौकरी भी गंवानी पड़ी थी।
किरोस ने इजरायल की गाजा में सैन्य कार्रवाई को नरसंहार बताया है और इसी वजह से वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं। उनके अभियान को वामपंथी और युवा मतदाताओं का व्यापक समर्थन मिला।
यह जीत ऐसे समय आई है जब अमेरिका में डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट विचारधारा से जुड़े कई उम्मीदवार स्थापित नेताओं को चुनौती दे रहे हैं। हाल ही में न्यूयॉर्क में भी डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट समर्थित उम्मीदवारों ने प्राइमरी चुनावों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी।
कोलोराडो के इस संसदीय क्षेत्र में डेमोक्रेटिक पार्टी की मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में नवंबर में होने वाले आम चुनाव में मेलाट किरोस को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
इसी चुनाव के दौरान कोलोराडो के अटॉर्नी जनरल फिल वाइज़र ने गवर्नर पद की डेमोक्रेटिक उम्मीदवारी हासिल की, जबकि राज्य प्रतिनिधि मैनी रुटिनेल ने भी डेमोक्रेटिक नामांकन जीतकर रिपब्लिकन सांसद गेब इवांस को चुनौती देने का रास्ता साफ किया। इन नतीजों को अमेरिकी राजनीति में प्रगतिशील धड़े की बढ़ती ताकत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।