मानवाधिकार संगठनों ने पश्चिम अफ्रीका की सर्वोच्च अदालत में घाना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि घाना ने अमेरिका की थर्ड कंट्री डिपोर्टेशन नीति के तहत उन प्रवासियों को उनके मूल देशों में वापस भेजने में सहयोग किया जिन्हें अमेरिकी अदालतें पहले ही असुरक्षित मान चुकी थीं।
शिकायत के अनुसार सितंबर से अब तक कम से कम 60 लोगों को अमेरिका से घाना भेजा गया था। इनमें से 27 लोगों की ओर से यह याचिका दायर की गई है। इन प्रवासियों का कहना है कि उन्हें अमेरिका में कानूनी सुरक्षा मिली हुई थी लेकिन घाना पहुंचने के कुछ ही घंटों या दिनों के भीतर उन्हें उनके मूल देशों में भेज दिया गया जहां उन्हें उत्पीड़न या हिंसा का खतरा था।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि घाना ने क्षेत्रीय और घरेलू कानूनों का उल्लंघन करते हुए असुरक्षित देशों में निर्वासन की प्रक्रिया को आसान बनाया। याचिका में घाना और अमेरिका के बीच हुए समझौते को सार्वजनिक करने तथा भविष्य में ऐसे निर्वासन पर रोक लगाने की मांग की गई है।
मानवाधिकार समूहों ने प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति के लिए कम से कम एक लाख डॉलर मुआवजे और अन्य कानूनी राहत की भी मांग की है।