प्रशांत महासागर में सक्रिय एल नीनो का असर इस वर्ष भारत के मानसून पर साफ दिखाई दे रहा है। जून महीने के अंत तक देशभर में सामान्य से 42 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है जिससे यह पिछले 100 वर्षों का तीसरा सबसे सूखा जून बन गया है।
मौसम विभाग के अनुसार जून में अब तक देशभर में औसतन 92.2 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि सामान्य वर्षा 157.7 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यदि अंतिम दिन कुछ स्थानों पर बारिश भी हुई तो कुल वर्षा लगभग 100 मिलीमीटर तक ही पहुंचने की संभावना है।
मौसम रिकॉर्ड के अनुसार पिछले 100 वर्षों में जून इससे कम केवल 2009 और 2014 में ही बारिश दर्ज की गई थी। इस बार सबसे अधिक कमी मध्य भारत में 54 प्रतिशत रही जबकि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 41 प्रतिशत उत्तर पश्चिम भारत में 30 प्रतिशत और दक्षिण भारत में 28 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि एल नीनो के कारण प्रशांत महासागर का तापमान बढ़ने से मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ रही हैं जिसका सीधा असर भारत में बारिश पर दिखाई दे रहा है।
हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि जुलाई के पहले सप्ताह से मध्य भारत सहित देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय होगा और अच्छी बारिश देखने को मिलेगी।