बंगाल में OBC आरक्षण पर सुवेंदु सरकार का बड़ा फैसला
कोलकाता, 30 जून। पश्चिम बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य की OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए विधानसभा से दो महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पारित कराए हैं। नए कानून के तहत OBC आरक्षण को 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही राज्य की OBC सूची का पुनर्गठन करते हुए अब केवल 66 समुदायों को ही आरक्षण का लाभ मिलेगा। यह निर्णय कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है।
सरकार का कहना है कि पूर्व में बनाई गई OBC सूची और आरक्षण व्यवस्था में कानूनी कमियां थीं। इसलिए नई व्यवस्था को पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार लागू किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे आरक्षण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और कानूनी रूप से मजबूत बनेगी।
इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति भी गर्म हो गई है। सरकार ने इसे सामाजिक न्याय और कानून के पालन की दिशा में आवश्यक कदम बताया है, जबकि विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इस निर्णय से कई समुदायों के अधिकार प्रभावित होंगे। विपक्ष ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग भी की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई आरक्षण व्यवस्था का प्रभाव सरकारी नौकरियों, भर्ती प्रक्रियाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर भी दिखाई देगा।
आने वाले दिनों में इस विषय पर कानूनी और राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। राज्य सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था संविधान और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू की जाएगी, ताकि पात्र समुदायों को आरक्षण का लाभ निष्पक्ष रूप से मिल सके।