Latest News Lifestyle
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल हाई-स्पीड ट्रायल, दिल्ली-अंबाला रूट पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार


भारत के रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के तहत शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल हाई-स्पीड स्पीड ट्रायल किया गया। यह ट्रायल Delhi–Ambala railway line के सब्जी मंडी से सोनीपत जंक्शन के बीच किया गया, जहां ट्रेन ने 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़कर तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया।

ट्रायल का संचालन अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) की टीम की निगरानी में किया गया। इस दौरान ट्रेन ने विभिन्न तकनीकी मानकों, गति स्थिरता, ऊर्जा दक्षता और सुरक्षा प्रणाली से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच की।

जानकारी के अनुसार, सुबह 8:50 बजे सब्जी मंडी स्टेशन से रवाना हुई हाइड्रोजन ट्रेन ने लगभग 40 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 9:20 बजे सोनीपत जंक्शन पर अपनी यात्रा पूरी की। इस दौरान ट्रेन ने सुचारू संचालन और स्थिर गति प्रदर्शन के संकेत दिए, जिसे रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इससे पहले यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रूट पर परीक्षण चरण में चलाई जा रही थी। लेकिन इस बार इसे दिल्ली-अंबाला मार्ग पर विस्तारित कर हाई-स्पीड ट्रायल किया गया, जिससे इसके प्रदर्शन को अधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में परखा जा सके।

हाइड्रोजन आधारित ट्रेन तकनीक को भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल रेल परिवहन के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य होता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रायल सफल रहने पर भारत में ग्रीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम को नई दिशा मिल सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक आने वाले वर्षों में पारंपरिक डीजल ट्रेनों की जगह ले सकती है और रेलवे को अधिक ऊर्जा-कुशल और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद करेगी।

News Image

पूर्वांचल में बदली धान रोपाई की तस्वीर, ₹250 तक पहुंची मजदूरी, नाश्ते में समोसा-जलेबी की बढ़ी मांग

  • यूपी के गांवों में बदली धान रोपाई की तस्वीर, बढ़ी मजदूरी और बदली महिलाओं की पसंद
BY Himanshu Dubey ·
News Image

नेपाल ने भारतीय ₹200 और नए ₹500 के नोटों को दी मंजूरी, 25,000 रुपये तक ले जाने की अनुमति

  • नए नियमों के अनुसार, भारतीय और नेपाली नागरिक प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹25,000 तक की राशि इन नोटों के रूप में अपने साथ ले जा सकेंगे।
BY Himanshu Dubey ·