राजस्थान की राजधानी जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में सड़क किनारे मोमो का ठेला लगाने वाली एक युवती के झुलसने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले सड़क खाली कराने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने युवती की ठेली को धक्का दे दिया, जिससे उबलता पानी उस पर गिर गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना 19 जून की शाम करीब 6:45 बजे जगतपुरा स्थित अक्षय पात्र मंदिर के पास हुई। पीड़िता रेशु गुप्ता मोमो का ठेला लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनकी बहन खुशबू ने 22 जून को इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई।
परिवार का आरोप है कि रेशु ठेला लगाने की तैयारी कर रही थीं और मोमो बनाने के लिए पानी गर्म किया जा रहा था। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और तत्काल ठेला हटाने का दबाव बनाने लगे। रेशु ने बर्तन में गर्म पानी होने की बात कहकर कुछ समय मांगा, लेकिन आरोप है कि उनकी बात नहीं सुनी गई और ठेली को पीछे धकेल दिया गया।
परिजनों के अनुसार, ठेला हिलने से उबलता पानी रेशु के शरीर पर गिर गया, जिससे उनके कंधे, छाती, जांघ और शरीर के अन्य हिस्से बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
खुशबू ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर का रहने वाला है। वर्ष 2020 में पिता की कोविड-19 से मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी बढ़ गई थी। जयपुर आने के बाद रेशु ने मोमो का ठेला लगाकर घर का खर्च संभालना शुरू किया था।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। रामनगरिया थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि गर्म पानी से झुलसने की घटना की जांच जारी है। वहीं, डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और पुलिस सभी तथ्यों की जांच में जुटी हुई है।