नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के यमुना बाजार क्षेत्र में गुरुवार सुबह से अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा ओ-ज़ोन क्षेत्र में चिन्हित 300 से अधिक मकानों को हटाने की प्रक्रिया जारी है।
कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को पहले ही वैकल्पिक शेल्टर होम में जाने की सलाह दी थी।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है। पिछले महीने डीडीए और जिला प्रशासन ने संबंधित निवासियों को नोटिस जारी कर क्षेत्र खाली करने के निर्देश दिए थे। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद अब यमुना किनारे स्थित घरों को हटाने का अभियान शुरू किया गया है।
डीडीए का कहना है कि यह कार्रवाई यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अवैध निर्माण हटाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। प्रशासन का तर्क है कि बाढ़ के दौरान इन इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना रहता है।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने 8 मई को डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 के तहत यमुना के बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी कर संभावित खतरे को देखते हुए क्षेत्र खाली करने को कहा था।
फिलहाल इलाके में तोड़फोड़ का कार्य जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।