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कोड़े से पिटाई, पिटबुल कुत्तों का पहरा: यूपी में 13 मजदूर 2 साल तक कैद से रेस्क्यू

 

मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश): यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक झोला (बैग) बनाने वाली फैक्ट्री से 13 मजदूरों को करीब दो साल की कैद से रेस्क्यू किया गया। इन मजदूरों को बेहतर वेतन और नौकरी का लालच देकर लाया गया था, लेकिन यहां पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी एक डरावनी कैद में बदल गई।

पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इन मजदूरों को मुक्त कराया। पीड़ितों के अनुसार फैक्ट्री में उनसे अमानवीय व्यवहार किया जाता था। उनके मोबाइल फोन और आधार कार्ड छीन लिए गए थे, जिससे वे बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गए थे। 

मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें दिन में कई बार डंडों और कोड़ों से पीटा जाता था और विरोध करने पर और ज्यादा यातनाएं दी जाती थीं। खाने के नाम पर भी बहुत कम भोजन दिया जाता था—कई बार उन्हें दिनभर में सिर्फ एक रोटी पर गुजारा करना पड़ता था। 

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि फैक्ट्री परिसर में दो पिटबुल कुत्ते रखे गए थे, जिनका इस्तेमाल मजदूरों पर डर बनाने और उन्हें भागने से रोकने के लिए किया जाता था। 

बताया गया कि एक मजदूर किसी तरह वहां से भागने में सफल रहा और उसने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और सभी 13 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। l

पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बंधुआ मजदूरी, अवैध हिरासत और गंभीर शोषण से जुड़ा हो सकता है।

यह घटना एक बार फिर देश में मजदूरों के शोषण और बंधुआ मजदूरी की गंभीर समस्या को उजागर करती है।

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